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Monday, May 17, 2010

जनसत्ता

असल अल्पसंख्यक

16 मई, 2010

तरुण विजय

2 comments:

सुनील दत्त said...

वक्त आ गया है गद्दारों के विरूद्ध सीधी कार्यवाही करने का ।भाजपा को विना कोई वक्त गंवाए गद्दार मिटाओ अभियान चलाकर देशभक्तों को लामबन्द करना चाहिए।
धीमी आबज में बात करने का वक्त नहीं है ये

Rakesh Singh - राकेश सिंह said...

आश्चर्य .. इतनी भयावह स्थिति है और अपनी मीडिया, केन्द्रीय सरकार इस समाश्या पे मौन धारण किये है !!!

अपने ही देश में देशभक्तों की कोई पूछ नहीं है ... अलबत्ता आतंकवादियों, अलगाववादियों का दबदवा दिनों-दिन बढ़ रहा है | और Indians modern के चकाचौंध में ही खोया है | अब लग रहा है की भारत का विभाजन हो के रहेगा .... आज ना हो कल ना हो १०-२० वर्ष बाद हो पर होगा जरुर |

ये बात भी सच है की आज यदि पंजाब भारत से अलग हो गया होता तो भारत की अपेक्षा कहीं ज्यादा और सुन्दर प्रगति कर रहा होता |

भारत एक ऐसा देश बनता जा रहा है जहाँ नागालेंड, कश्मीर, महारास्त्र, असम, पंजाब के लोग (खुल कर ना सही पर दबी जुबान से जरुर) ऐसा मानने लगे हैं की उनका राज्य यदि भारत से अलग हो जाए तो ज्यादा प्रगति करेगा | और इस सोच का मुख्य कारण पिछले ५० वर्षों की कांग्रेसी गन्दी राजनीति रही है |